हिमानी चामुंडा की पहाड़ियों पर ट्रैकिंग करने निकले नितिन का सप्ताह बाद भी नहीं मिला कोई सुराग, परिजन पहुंचे धर्मशाला

धर्मशाला (हिमाचल प्रदेश) धर्मशाला के हिमानी चामुंडा ट्रैक पर निकले पिछले एक सप्ताह से लापता हुए ऊना जिले के नितिन का अभी भी कोई सुराग नहीं मिल पाया है, जिसको लेकर नितिन के परिजन बेहद चिंतिंत हैं और आज खुद कांगड़ा जिला के जिलाधीश और SP से मिलने धर्मशाला पहुंचे यहां आकर उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से नितिन को तुरंत खोजने की गुहार लगाई है, इस दरमियान मीडिया से मुखातिब होते हुए नितिन के चाचा राजेश शर्मा ने बताया कि नितिन पानीपत में एक निजी कंपनी में कार्यरत है और ट्रैकिंग का शौकीन है, उसका वही शौक 13 तारीख को धर्मशाला ले आया और धर्मशाला में आकर उसने जिया नामक स्थान से हिमानी चामुंडा का ट्रैक शुरू किया जिसकी तमाम लोकेशन और ट्रैकिंग के स्थान की जानकारी अपने सोशल मीडिया हैंडल पर भी शेयर की, चाचा ने बताया कि नितिन ने आखिरी बातचीत भी उसी दिन जिया में पहुंचकर की उसके बाद वो न जाने कहां चला गया, फिलहाल नितिन को ढूंढने उसके मंडी और बाकी जगहों से दोस्त भी आ चुके हैं और लगातार प्रयास कर रहे हैं मगर अभी तक नितिन का कोई सुराग नहीं मिल पाया है, उन्होंने कहा कि क्योंकि मौसम खराब है इसलिए प्रशासन के प्रयास भी कारगर सिद्ध नहीं हो रहे …

राजेश शर्मा, नितिन के चाचा, ऊना

वहीं DC कांगड़ा ने कहा कि उन्होंने पहले भी कई मर्तबा एडवाइजरी जारी की है कि कोई भी पर्यटक या ट्रेकर्स अपनी मनमर्जी न करें न ही अकेले ही कहीं निकलें और ट्रैकिंग पर जाने से पहले जरूर स्थानीय गाइड्स का सहयोग लें बावजूद इसके हर बार ट्रेकर्स मनमानी करते है नतीजतन उन्हें इस तरह का खामियाजा भुगतना पड़ता है, हेमराज बैरवा ने कहा कि प्रशासन पूरी मुस्तैदी से नितिन को ढूंढने में लगा हुआ है, मौसम भी खराब है फिर भी टीमें अपना काम कर रही हैं जैसे ही सुराग मिलेगा तुंरत पीड़ित परिजनों को इतलाह कर दी जाएगी

हेमराज बैरवा, DC कांगड़ा

सी वी ओ – काबिले गौर है कि ये कोई पहली घटना नहीं कि कोई ट्रेकर्स धौलाधार की तलहटी में बने पर्यटन स्थलों या पहाड़ियों पर ट्रैकिंग पर निकले हों और रास्ता न भटके हों अभी हाल ही में एक विदेशी नागरिक भी इन पहाड़ियों में लापता हो गया था और पूरे एक सप्ताह बाद ही उसे स्थानीय लोगों द्वारा खोजा गया, अगर वक्त पर मदद न मिलती तो उसकी जान भी जा सकती थी या यूं कहें कि कई मर्तबा कई सैलानियों ट्रेकर्स की जानें भी चली गई हैं बावजूद इसके अभी भी इन रास्तों पर प्रशासन की ओर से हर आवाजाही करने वालों पर नकेल कसने या गाइड लाइन देने उनका रिकॉर्ड रखने का न तो कोई ठोस बंदोबस्त किया है न ही दिशा निर्देशों के बावजूद सैलानियों और ट्रेकर्स के कान पर कोई जूं रेंग पा रही है नतीजतन, हर बार इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं और हर बार चिंता का सबब बनती हैं…
ब्यूरो रिपोर्ट DMI न्यूज़ हिमाचल

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