शुरू हुई इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने की प्रक्रिया, नए बदलावों समेत यह है महत्वपूर्ण जानकारी
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इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, ऐसे में देश के हर नागरिक को स्वेच्छा से देशहित और स्वयंहित में ITR भरना लाज़मी है, लिहाजा इस बार करदाताओं को अपने टैक्स क्लेम के लिए विस्तृत जानकारी देनी होगी। आयकर विभाग ने इस बार कई बदलाव किए हैं ताकि टैक्स क्लेम की धोखाधड़ी को रोका जा सके और करदाताओं को अपने निवेश और खर्चों की जानकारी देने में पारदर्शिता बनाए रखी जा सके।

क्या हुए हैं बदलाव हुए?

अब करदाताओं को अपने निवेश, दान और किराये से जुड़ी विस्तृत जानकारी देनी होगी, करदाता पहले की मानिद अब यूं ही मनमर्जी के मुताबिक टैक्स रिबेट की फर्जी पर्चियां नहीं चिपका पायेगा,

– एचआरए (हाउस रेंट अलाउंस):
मकान मालिक की पूरी जानकारी, किराया भुगतान की जानकारी और नियोक्ता का विवरण देना होगा। यह जानकारी देना अनिवार्य है ताकि आयकर विभाग यह सुनिश्चित कर सके कि करदाता सही तरीके से एचआरए का दावा कर रहा है।
– बीमा प्रीमियम:
बीमा कंपनी का नाम, पॉलिसी नंबर और रसीद नंबर देना होगा। यह जानकारी देना आवश्यक है ताकि आयकर विभाग यह सुनिश्चित कर सके कि करदाता सही तरीके से बीमा प्रीमियम का दावा कर रहा है।
– पीपीएफ खाता (पब्लिक प्रोविडेंट फंड)
खाता नंबर देना होगा। यह जानकारी देना आवश्यक है ताकि आयकर विभाग यह सुनिश्चित कर सके कि करदाता सही तरीके से पीपीएफ खाते में निवेश का दावा कर रहा है।
– स्वास्थ्य बीमा:
बीमा कंपनी का नाम और पॉलिसी नंबर देना होगा। यह जानकारी देना आवश्यक है ताकि आयकर विभाग यह सुनिश्चित कर सके कि करदाता सही तरीके से स्वास्थ्य बीमा का दावा कर रहा है।
राजनीतिक दलों को दान: पार्टी के पंजीकरण नंबर और अन्य संबंधित विवरण देना होगा। यह जानकारी देना आवश्यक है ताकि आयकर विभाग यह सुनिश्चित कर सके कि करदाता सही तरीके से राजनीतिक दलों को दान का दावा कर रहा है।
– इलाज के खर्च:
उस खास बीमारी का विवरण देना होगा। यह जानकारी देना आवश्यक है ताकि आयकर विभाग यह सुनिश्चित कर सके कि करदाता सही तरीके से इलाज के खर्च का दावा कर रहा है।

क्यों जरूरी है विस्तृत जानकारी

आयकर विभाग आईटीआर में दी गई जानकारी की जांच करेगा और उसके बाद ही क्लेम मंजूर करेगा। इसलिए, करदाताओं को सभी दस्तावेज जुटाने के बाद ही आईटीआर में अपना क्लेम करना चाहिए। विस्तृत जानकारी देने से आयकर विभाग को यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि करदाता सही तरीके से क्लेम कर रहा है और किसी भी तरह की धोखाधड़ी नहीं हो रही है।

रिटर्न भरने की डेडलाइन

इस बार रिटर्न भरने की डेडलाइन 15 सितंबर तक बढ़ा दी गई है, जिससे करदाताओं के पास सभी दस्तावेज जुटाने के लिए पर्याप्त समय होगा। करदाताओं को सलाह दी जाती है कि वे सभी दस्तावेज जुटाने के बाद ही आईटीआर में अपना क्लेम करें ताकि किसी भी तरह की परेशानी न हो।

ये है ख़बर का निष्कर्ष

आईटीआर भरने की प्रक्रिया में आयकर विभाग ने कई बदलाव किए हैं ताकि करदाताओं को अपने निवेश और खर्चों की जानकारी देने में पारदर्शिता बनाए रखी जा सके। करदाताओं को सलाह दी जाती है कि वे सभी दस्तावेज जुटाने के बाद ही आईटीआर में अपना क्लेम करें और विस्तृत जानकारी दें ताकि किसी भी तरह की परेशानी न हो।

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