धर्मशाला में बौद्ध धर्मगुरु दलाईलामा के जन्मदिवस की तैयारियां तेज़, चीन की खड़ी हुई खटिया - दावा

धर्मशाला (हिमाचल प्रदेश) निर्वासित तिब्बतियन सरकार की 108 शांति संस्थान के वरिष्ठ शोधार्थी यशी दावा ने कहा कि इस बार बौद्ध धर्मगुरु और 14वें दलाईलामा का 90वाँ जन्मदिवस बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है और इसे न केवल निर्वासित तिब्बतियन, तिब्बती लोग बल्कि दुनिया भर में रहने वाले दलाईलामा के अनुयायी भी इस दिन को लेकर बेहद उत्साहित हैं इसलिए क्योंकि करीब 7 दशकों से दलाई लामा तिब्बत की पैरवी करते रहे हैं और उन्होंने दुनियाभर में शांति और करुणा का संदेश दिया है, उन्होंने कहा कि आज सारा संसार तिब्बत की मूल संरचना को जान चुका है और दलाई लामा के साथ खड़ा है, आज जब उनका 90वाँ जन्मदिवस बड़े स्तर पर सेलिब्रेट किया जा रहा है तो निश्चित तौर पर चाइना सरकार की नज़र इस कार्यक्रम पर आकर टिकी हुई है कि इस ख़ास मौके पर दलाई लामा क्या घोषणा करने वाले हैं…

CTA ने तैयारियों को मुकम्मल करने को कसी कमर

उन्होंने कहा कि CTA की ओर से विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है जो कि पहली जुलाई से शुरू हो जाएंगे उन्होंने कहा कि 5 जुलाई को CTA की ओर से दलाई लामा की लंबी उम्र के लिए प्रार्थना सभा का आयोजन रखा है, दो जुलाई से लेकर 5 जुलाई तक धर्मशाला में सर्व धर्म सम्मेलन का भी आयोजन किया जाएगा जिसमें सभी धर्मों के बड़े संत शिरकत करेंगे… उन्होंने कहा कि इस दौरान सभी संत ये प्रस्ताव पारित करेंगे कि दलाईलामा ही बौद्ध धर्मगुरु के तौर पर इस संस्था का संचालन करते रहें और खुद दलाई लामा इस मौके पर अपने उतराधिकारी के बारे में फ़ैसला लेने के लिए स्वतंत्र हैं क्योंकि चीन सरकार की इसमें दखलंदाजी मान्य नहीं है,

 

चीन की CPC के संस्थापक धर्म को मानते थे ज़हर, ज़हर समझने वाले कैसे चुन सकते हैं धर्मगुरु- दावा

दावा ने कहा कि क्योंकि चीन में कम्युनिस्ट पार्टी की सरकार चल रही है और जो कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के फाउंडर माओ जेडॉन्ग थे उन्होंने धर्म को ज़हर करार दिया था, जो शख़्स धर्म को ज़हर बताते हैं वो धर्म नाम की संस्था के संचालकों के उतराधिकारियों का फ़ैसला कैसे ले सकते हैं… उन्होंने कई देशों के नाम गिनवाते हुए कहा कि इन सब देशों में बौद्ध धर्म में आस्था रखने वाले अनुयायी यहां पहुंच रहे हैं, वहीं उन्होंने कहा कि आज इस सेलिब्रेशन को लेकर तिब्बतियों में मिश्रित खुशी और उत्साह है इसलिए क्योंकि एक ओर तो दलाईलामा अपना 90वाँ जन्मदिवस मना रहे हैं जिसकी खुशियां अपार हैं दूसरी तरफ बतौर तिब्बतियन और वहां के प्रमुख नेता और धर्मगुरु होने के नाते वो अपने स्वदेश को चीन के चंगुल से निकालाने के लिए संघर्षरत हैं अपने स्वदेश में नहीं हैं साथ ही अब उनकी आयु भी दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है…
यशी दावा, वरिष्ठ शोधार्थी, 108 शांति संस्था

ब्यूरो रिपोर्ट DMI हिमाचल प्रदेश

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