एचपीयू द्वारा घोषित बीए प्रथम वर्ष परिणाम में धर्मशाला महाविद्यालय की तीन बेटियों ने किया उत्कृष्ट प्रदर्शन

धर्मशाला (हिमाचल प्रदेश) हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) द्वारा घोषित बीए प्रथम वर्ष के परीक्षा परिणाम में राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला की तीन छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन कर महाविद्यालय एवं अपने माता-पिता का नाम रोशन किया है

साइकोलॉजी विषय की छात्रा दीपांशी चौधरी ने 8.98 GPA, इंग्लिश मेजर विषय की रूपाली ने 8.91 GPA और राजनीतिक विज्ञान पॉलिटिकल साईंस मेजर की मेघा ने 8.73 GPA अंक प्राप्त कर महाविद्यालय की श्रेष्ठता को सिद्ध किया है। इन तीनों बेटियों ने कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर यह उपलब्धि हासिल की है।

राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला के प्राचार्य प्रो. राकेश पठानिया ने इन प्रतिभाशाली छात्राओं को हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि, यह सफलता केवल छात्राओं की नहीं, बल्कि पूरे महाविद्यालय परिवार की है। ऐसे परिणाम अन्य विद्यार्थियों को भी प्रेरित करते हैं कि निरंतर परिश्रम और समर्पण से हर लक्ष्य संभव है।

महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक वर्ग ने भी तीनों छात्राओं को शुभकामनाएं एवं बधाइयाँ दीं और आशा व्यक्त की कि वे भविष्य में भी इसी प्रकार शैक्षणिक क्षेत्र में उत्कृष्टता प्राप्त करती रहेंगी।

यह सफलता न केवल महाविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता का प्रमाण है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि बेटियाँ हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। दीपांशी, रूपाली और मेघा जैसे छात्राएं पूरे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।

तरसेम जरयाल, वरिष्ठ सहयोगी, DMI, धर्मशाला

सिहुंता मोहरी गांव की बेटी ने रचा इतिहास, साक्षी जरयाल ने हासिल किया प्रदेश भर में चौथा स्थान
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धर्मशाला (हिमाचल प्रदेश) सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी द्वारा हाल ही में घोषित बीए तृतीय वर्ष के परिणाम में राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला की मेजर समाजशास्त्र (Sociology) विषय की छात्रा साक्षी जरयाल ने चौथा स्थान हासिल कर महाविद्यालय का नाम प्रदेश भर में रोशन किया है।

अभिभावकों को है साक्षी जैसी बेटी होने पर गर्व

साक्षी दलेर सिंह और सीमा देवी की सुपुत्री हैं और मोहरी, डाक घर टुंडी, सिहुंता की रहने वाली हैं। साक्षी ने अपनी मेहनत और लगन से यह उपलब्धि हासिल की है। साक्षी ने इसका श्रेय अपने माता पिता व शिक्षकों को दिया है।
साक्षी की इस उपलब्धि से न केवल उसके परिवार, बल्कि पूरे गांव को गर्व महसूस हो रहा है। साक्षी की खबर उन सभी लड़कियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रही हैं।

मेहनत और लग्न के आगे सभी मंजिलें गौण- साक्षी

साक्षी ने साबित कर दिया है कि मेहनत और लगन से कुछ भी हासिल किया जा सकता है। कॉलेज प्राचार्य प्रो. राकेश पठानिया ने साक्षी को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। साक्षी अपने भविष्य में भी इसी तरह की सफलता हासिल करती रहेगी और अपने परिवार और समाज के लिए एक प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी। साक्षी को उनकी इस उपलब्धि पर ढेर सारी बधाइयां और शुभकामनाएं…

तरसेम जरयाल, वरिष्ठ सहयोगी, DMI धर्मशाला

चुराह इलाके की बेटी ने रचा इतिहास: पूरे क्षेत्र को किया गौरवान्वित

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हिमाचल प्रदेश के चंबा जिला के चुराह इलाके के एक छोटे से गाँव गुवाड़ी हिमगिरि के श्री दीप सिंह की बेटी डॉली ने अपनी लगन और कड़ी मेहनत से इतिहास रच दिया है। डॉली ने अपने पहले ही प्रयास में JEE Mains और JEE Advanced जैसी प्रतिष्ठित परीक्षाओं में सफलता हासिल की और IIT Delhi में अपना स्थान सुनिश्चित किया है।

गरीबी से सफलता की कहानी

गरीब परिवार में जन्मी और पली-बढ़ी डॉली ने अपने माता-पिता की उम्मीदों पर खरा उतरते हुए दिखाया कि मेहनत और आत्मविश्वास से कुछ भी हासिल किया जा सकता है। उसके माता-पिता, जो कृषि कार्य और मजदूरी करते हैं, ने अपनी बेटी की सफलता पर गर्व महसूस किया और पूरे इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई।

प्रेरणा का स्रोत

डॉली की कहानी उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत है जो गरीबी और प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद अपने सपनों को पूरा करना चाहते हैं। उसकी सफलता ने साबित किया है कि मेहनत और आत्मविश्वास से कुछ भी हासिल किया जा सकता है, और यह कि गरीबी कभी भी सफलता की राह में बाधा नहीं बन सकती है।

माता-पिता का मार्गदर्शन और भाई का मोटिवेशन
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डॉली की सफलता के पीछे उसके माता-पिता का मार्गदर्शन और बड़े भाई अमरजीत का मोटिवेशन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अमरजीत जो कि रूस में डॉक्टर की ट्रेनिंग कर रहे हैं, ने अपनी बहन को हमेशा प्रोत्साहित किया और उसे अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रेरित किया। इसके अलावा, मोहन प्यारे, जो डॉली के बड़े भाई हैं, ने भी उनकी बहुत मदद की। उन्होंने बचपन से लेकर अब तक डॉली के साथ रहे, उनकी फॉर्म भरने से लेकर एडमिशन तक में मदद की। डॉली ने कहा, “मैं अपने भाई मोहन प्यारे की बहुत शुक्रगुजार हूं। उन्होंने मुझे हमेशा प्रोत्साहित किया और मेरी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मैं उनके साथ की गई मेहनत को अपने करियर के अंतिम क्षण तक नहीं भूलूंगी।”

शिक्षकों का योगदान

डॉली ने अपने माता-पिता के अलावा अपने शिक्षकों का भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “मेरे शिक्षकों ने मुझे बहुत अच्छे से पढ़ाया और हमेशा मुझे प्रेरित किया। उनकी वजह से ही मैं आज इस मुकाम पर पहुंच पाई हूं। मैं उनके प्रति हमेशा आभारी रहूंगी।”

बेटी की सफलता पर परिवार की प्रतिक्रिया

डॉली की सफलता पर परिवार के सदस्यों ने खुशी और गर्व का इजहार किया। माता-पिता ने कहा, “हमें अपनी बेटी पर गर्व है। उसने अपनी मेहनत और लगन से यह सफलता हासिल की है। हमें उम्मीद है कि वह अपने भविष्य में भी सफलता हासिल करेगी और हमारे परिवार का नाम रोशन करेगी।”

आगे की राह

अब डॉली ने IIT Delhi में अपना स्थान सुनिश्चित किया है, और वह अपने भविष्य को आकार देने के लिए तैयार है। वह अपने सपनों को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करेगी और अपने परिवार का नाम रोशन करेगी। डॉली की कहानी उन सभी लोगों के लिए एक प्रेरणा है जो अपने सपनों को पूरा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं |                                                                                                                                                                                                                                                                                                                                           –रवि शर्मा

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